बुधवार, दिसंबर 03, 2014


लगता है लालू प्रसाद यादवजी के दिन भी ठीक नहीं चल रहे हैं, 

मेरी तरह वे भी परेशान हैं बेचारे.........


जब तक पंजे की रेखा बने हुए थे , उनकी भाग्य - रेखा, रेखा की तरह

hot थी लेकिन जैसे ही हुशियारी मारी, रेल ऐसी छूटी कि आज कोई TTE

की नौकरी देने के लिए भी तैयार नहीं है । 


और तो और उनकी अपनी भैंसों तक ने दूध देना बन्द कर दिया है । 

कौतुहलवश मैंने पूछा भैंसों से - क्योंरी ! काहे दूध नाहीं देती हो ? 

तो बोलीं - जिसे कोई वोट ही नहीं देता , उसे हम दूध क्यों दें ?


जय हिन्द