शुक्रवार, जून 24, 2011

! बकरी बन्नाम भैसवा !



मायावती जी लल्लू प्रसाद जी के घर अयी बकरी के साथ.

लालू जी :भैसवा को क्यों लायी हो ?

मायावती जी : दीखता नहीं बकरी है ?

लल्लू जी : हम बकरी से ही तो पूछ रहा हूँ .

सोमवार, जून 06, 2011

! ईमेल से शादी 1 !

बिल गातेस : हमारे काउंट्री में लोग आज -कल ईमेल से शादी करते हैं ।
उन्निएस्त लालू यादव : बिल साहिब जी , हमारे बिहार में तो सिर्फ फेमाले से ही शादी करते हैं .


बुधवार, मई 11, 2011

! बीएसएनएल & वोडाफ़ोन !

लालू जी के पीछे कुत्ते का बचा पड़ गयालालू भागते भागते बोले " हम तो बीएसएनएल का सिम ख़रीदा हो, ससुरा " वोडाफ़ोन " का नेटवर्क कैसे पकड़ रहा है

शुक्रवार, अप्रैल 01, 2011

! तुहरे और कुत्ता में फर्क !

ओबामा : लालू से तुझे स्विम्मिंग अति है ? लालू : ना ! ओबामा : तेरे से तो कुत्ता अछा है जो स्विम्मिंग कर लेता है। लालू : तुमको स्वीम्न्ग्वा अत है ? ओबामा : या लालू : ससुरा , फिर तोहरे और कुत्ता में फर्क का है ?

सोमवार, मार्च 21, 2011

! लालू और नीतीश के घर नहीं मनेगी होली !

पटना। होली के त्योहार में राजद प्रमुख लालू यादव हमेशा आकर्षण का केंद्र होते हैं। लालू प्रसाद यादव की 'कपड़ा-फाड़ होली' ने मुख्यमंत्री निवास को भी बहुत दिन सालों तक रंगों में सरबोर किया। लेकिन इस बार भंग की तरंग और रंगों की उमंग ना तो लालू के घर पर दिखेगी और ना ही बिहार के विकास पुरुष नितीश कुमार ही मुख्यमंत्री निवास पर होली मनाएंगे।
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राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एक नेता ने बताया कि इस वर्ष पूर्व रेल मंत्री एवं राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और उनकी पत्नी एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर होली नहीं मनाई जाएगी। इस सूचना के बाद आसपास के लोग मायूस हो गए हैं। इधर, लालू प्रसाद के घोर विरोधी नीतीश कुमार भी इस वर्ष होली नहीं मनाएंगे। एक अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर इस वर्ष होली नहीं मनाई जाएगी। स्थानीय लोगों में लालू के घर पर कपड़ाफाड़ होली खेलने का विशेष उत्साह रहता था। इस दौरान फागुन के गीत गाये जाते थे। इस होली में खुद लालू प्रसाद भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं। दरअसल लालू प्रसाद के बड़े भाई मुकुन्द राय की पत्नी मरछिया देवी का निधन जनवरी माह में हो गया था इस कारण यह परिवार इस वर्ष होली नहीं खेलेगा।मुख्यमंत्री आवास के एक पदाधिकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपनी माता के निधन के कारण होली नहीं मनाएंगे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री की माता परमेश्वरी देवी की मौत एक जनवरी को हो गई थी। वे लंबे समय से बीमार थीं। अधिकारी के अनुसार इससे पहले नीतीश कुमार के कार्यकाल में मुख्यमंत्री आवास में लालू प्रसाद की शैली के विपरीत होली मनाई जाती रही है। यहां केवल सूखे रंग और अबीर-गुलाल की होली होती थी परंतु इस वर्ष यहां होली नहीं होगी।

शनिवार, मार्च 05, 2011

! भैंसों की ज़िद्दे !


बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और पशुओं का चारा खाने के लिए कुख्यातराजनेता लालूप्रसाद यादव जब से सत्ता से बाहर हुए हैं, एक एककरके सभी संगी-साथी उनका साथ छोड़ रहे हैं . इन्सान तो इन्सानअब पशुओं ने भी उन्हें ठेंगा दिखाना शुरू कर दिया है .प्राप्त जानकारी के अनुसार लालू यादव की भैंसों ने आजकल दूध देनाबन्द कर दिया है, भैंसों का कहना है कि जिस आदमी को कोई वोटही नहीं देता उसे हम दूध भी क्यों दें ?

सोमवार, फ़रवरी 07, 2011

! मुर्गी अयी पहले या अंडा !


लालू से जब सबसे कठिन सवाल पुचा क्या जो की आब तक का सबसे कठीन सवाल है : कोन पहले आया मुर्गी या अंडा ? " जवाब में कहा हम जिसका आर्डर पहले दूंगा, वाही पहले आयेगा न !"

रविवार, जनवरी 23, 2011

! अगर लालू प्रधानमंत्री होते !

लालू प्रसाद यादव को तो सभी जानते हैं. वो वही करते हैं जो उन्हें अच्छा लगता है. अब अगर उन्हें देश का प्रधानमंत्री बना दिया जाए तो भारत का तो नक्शा ही बदल जाएगा. और नक्शा बदले या न बदले कुछ तो बदलाव होंगे ही. इन बदलावों पर जरा अपनी नजरें इनायत करें:-


1. राष्ट्र परिधान:- धोती कुर्ता

2. राष्ट्र पेय:- ताजा भैंस का दूध

3. राष्ट्र पशु:- भैंस

4. राष्ट्र खेल:- गुल्ली डण्डा

5. राष्ट्र भाषा:- इंग्लिशवा

6. राष्ट्र खिलौना:- ए.के 47

7. राष्ट्र परिवार नियोजन योजना:- हम दो हमारे दर्जन

8. राष्ट्र डॉक्यूमेंट्री फिल्म:- लालू बन गया जेंटलमैन

9. राष्ट्र गाड़ी:- भैंस की सवारी

10. राष्ट्र स्लोगन:- जब तक रहेगा समोसे में आलू, तब तक रहेगा हमारा पीएम लालू

बुधवार, अक्टूबर 27, 2010

! मायावती और लालू प्रसाद !

मायावती लालू प्रसाद के घर एक बकरी ले आई।

लालूप्रसाद - अरे, भैंसिया क्यों नहीं लाई हो।

मायावती - लालू जी यह भैंस नहीं बकरी है।

लालूप्रसाद - अरे हम तो बकरी से सवाल पूछ रहा हूँ, तू काहे को एड़ी ऊंचा-ऊंचा के जवाब दे रही है, बुड़बक कहीं की।

गुरुवार, सितंबर 23, 2010

! बना रहेगा जीजा साले का संबध !

लालू यादव के साले सुभाष य़ादव ने पार्टी छोड़ दी है इस मुद्दे सहित बिहार के चुनावों से जुड़े कुछ सवालों के जबाब लालू ने मीडिया से मुखातिब होते हुए दिए।

लालू यादव ने मुख्यमंत्री नीतिश कुमार पर आरोपों की झड़ी लगाते हुए कहा कि कि नीतिश के राज में 32 हज़ार करोड़ की घोटाला हुआ है साथ ही बड़े पैमाने पर सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है।

* party छोड़े जाने पर पूछे गये प्रश्न के जबाब में लालू ने पत्रकारों को आड़े हाथों लिया और कहा कि आपको क्यों उनसे मोहब्बत है..सुभाष धोखेबाज नहीं...

लालू ने सुभाष यादव को शुभकामनायें देत हुए कहा कि जीजा साला का संबध बना रहेगा सुभाष जहां जायेंगे लालू के साले के रुप में उन्हें सम्मान मिलेगा। आरजेडी से टिकट चाहने वालों पर लालू अपने ही अंदाज़ में बोले। महाराज गंज के सांसद उमाशंकर सिंह की नाराज़गी पर लालू ने कहा कि प्रभुनाथ सिंह के पार्टी में शामिल होने पर उन्हें घबराने की कोई जरुरत नहीं है

शुक्रवार, अगस्त 13, 2010

! बेवकूफ आदमी 'बिहार में !

श्री लालू प्रसाद यादव जी अपने मंत्रियौ के साथ बैठ कर ईमेल चेक कर रहे थे ! आचानक श्री लालू जी का एक ईमेल देखा जिसमे संबोधित किया बिहार का सबसे बेवकूफ आदमी के लिये ये ईमेल है ! सारे मंत्रि बहुत नाराज़ हुए के किस आदमी ने हिम्मत की ऐसा ईमेल बजने का पता लगाऊ ! लालू जी बोले उदास मन से ये जरौरी नहीं के किसने ये ईमेल बेजा बात वू है की पोस्टमन ने क्यों एस मेल कू सही एड्रेस में डेलिवर क्या !

शुक्रवार, जुलाई 02, 2010

! दहेज़ के लिए प्रतारित !

अर्जुन्वा साथिया गया है. अपना बहु को दहेज़ के लिए प्रतारित करता है और कुर्सी के लिए मुसलमान का रेसेर्वेस्तिओं का बात का करता है . ऐस्सा दोगला लोग को चोव्रह पैर खड़ा करके 123 जूता मरना चहिये !
Oct 26th, 2007 at 12:02 pm @ http://www.garamchai.in/?p=21#comment-11272

रविवार, जून 13, 2010

! ईमेल करने के लिए एकाउँट खोलना जरूरी है| !


फिल्म ताल के एक दृश्य में, मीता वशिष्ठ जो आलोक नाथ की बहन बनी है कहती हैं "भाई साहब, विक्की भले ही शातिर दिमाग हो पर दिल से बिल्कुल देहाती है|" दरअसल आलोक नाथ को विक्की में ईक्कसवीं सदी के शातिर भारतीय युवक के सारे लक्षण मौजूद होने के कारण उन्हें विक्की अपनी बेटी से शादी के लिए पसंद नहीं है, पर मीता वशिष्ठ के अकाट्य तर्क से वह हथियार डाल देते हैं| यही इस आलेख का सूत्रवाक्य है| हम भारतीय चाहे दिल से कितने भी आधुनिक क्यों हों, सादगीपूर्ण व्यक्तित्व ही पसंद करते हैं| जब कस्बे और गाँवों में रहने वाला समाज अपने नेतृत्व को हाथ में सेलफोन , बगल में लैपटाप दबाये फीलगुड, पोटा ईत्यादि चीखते हुए देखता है तो उसे अपने से कटा हुआ महसूस करता है| उसकी समस्याऐं पचास साल में भी बदली नहीं है वही रोटी, वही पानी वही सड़क और वही समाज के उच्च वर्ग द्वारा शोषण| लालू प्रसाद रोटी सड़क दें या दें, शोषण के खिलाफ मजलूमों को आवाज जरूर दे देंते हैं और यही उनकी सफलता के कारणों में एक है| सामान्य जनता का मन अभी भी अपने नेता में राजा हरीशचंद्र की छवि ढूढता है जो वेष बदल कर राज्य का पुरसाहाल लेता था|




यही ईमेज चलती है जनता के बीच!

जाहिर है एक ओर अगर रेलों में ईंटरनेट जैसी विशुद्ध अमेरिकी सुविधाऐं देने की बात करने वाले नेता हो दूसरी ओर रेलवे स्टेशन पर छापे मारने के सस्ते परंतु लोकप्रिय लालूवादी तरीके, तो भले ही दोनों जनता का धन लूटने के मामलें में एक ही थैली के चट्टे बट्टे हों, जनता जुड़ाव तो राजा हरीशचंद्र से ही करेगी बिल गेट्स से नही| चाहे लालू हों या मायावती दोनो समाज के शोषित वर्ग को समाज के उच्च वर्ग के खिलाफ खड़ा होने का हौसला देते हैं और इसीलिए उनके सर्वेसर्वा बने बैठे हैं| उदाहरण साफ है, जब मोहल्ले के पंडित और ठाकुर त्रिशूल यात्रा निकालते हैं तो कभी दलित वर्ग उनके साथ खड़ा होता है, नहीं| क्योकि उन्हे समझा दिया गया है कि रामजन्मभूमि के मलबे में कोई ऊँची जातवाला दबके नहीं मरा, वह सब तो बस नीचे खड़े नारे लगाते रहे| इसीलिए यह वर्ग महारैला में सवर्णों को लाठी चमका कर ही खुश हो लेता है, फिर चाहे पाँच साल भ्रष्टाचार में पिसता रहे| लालूश्री देहाती ही बने रहना चाहते हैं और वैसे ही दिखना चाहते हैं जैसा कि उनका वोटरवर्ग है| अगर उन्होनें हेयरस्टाईल या बोलने का लहजा बदला तो जनता कोई और लालू ढूढ लेगी| अभिजात्य वर्ग, जो राल्फ लारेन पहनना और वर्सेज लगाना सीख चुका है, अब देहाती भारतीयों को लाफिंग मैटर समझता है, इसीलिए उसे लालू भी विदूषक लगते हैं| अब जरा विषय को हल्के अँदाज की ओर मोड़ते हुए एक सच्ची परंतु मनोरंजक घटना का जिक्र करता हूँ| कुछ साल पहले जब शरद यादव केंद्रीय मंत्री थेऔर लालू विपक्ष में, तब लालू जी ने "यह आईटी वाईटी क्या होता है?" कह कर एक नयी बहस को जन्म दे दिया| दिल्ली के प्रगतिमैदान में आईटी मेला लगा था और एक दिन लालू अपने चेले चपाटों के साथ मेले में पहुँच गये | आयोजकों को किसी हंगामें का डर सताने लगा| पर लालू चहलकदमी करते हुए वेबदुनिया के स्टाल पहुँच गये| हिंदी में चलती वेबदुनिया की साईट से उन्हे कौतूहूल हुआ| वेबदुनिया के संचालक जोश में आकर लालू जी के प्रश्नों का उत्तर देने लगे| किसी ने उन्हे बहुभाषी ईमेल सुविधा के बारे में बताया| लालूजी को यह जानकर निराशा हुई कि भोजपुरी वेबदुनिया की सूची में शामिल नहीं थी| पर उन्होनें एक ईमेल एकाउँट खोला और देवनागरी का प्रयोग करके पटना के किसी प्रशासनिक अधिकारी को भोजपुरी में ईमेल भेज मारी| पंडाल के बाहर संवाददाताओं के सवालो की बौछार का उन्होनें अपनी चिरपरिचित शैली में जवाब दिया "देखिए, हम आईटी का इसलिए विरोध करता हूँ क्योकि सब कंपूटर अंग्रेजी में चलता है| इससे गरीब गुरबा का क्या भला होगा? पर वेबदुनिया वाले अच्छा काम किये हैं, अभी हिंदी में कंपूटर चालू हैं, वादा किये हैं कि भोजपुरी भी लायेंगे कंपूटर पर| हम इस चीज से बहुत खुश हूँ|" खैर अगले दिन लालूजी की फोटो छपी पेपरों में ईमेल करते हुए और आईटी के पुरोधाओं ने चैन की साँस ली|




कंपूटर चालू हैं
पर उसी दिन माननीय केंद्रीय मंत्री शरद यादव प्रगतिमैदान पहुँचे| विभिन्न कंपनियों के स्टालो का अवलिकन करने के दौरान उन्हें कोई वेबदुनिया के स्टाल खींच ले गया यह कह कर कि कल लालू वहाँ गये थे और रंग जमा गये अपना| शरद यादव भी फोटो खिंचाते रहे | तभी किसी चमचे ने कहा "मंत्री जी, कल लालूजी ने ईमेल करी थी, आप भी करिए|" शरद जी ताव में कंप्यूटर कंप्यूटर के सामने बैठ गये और तामील किया वेबदुनिया के संचालक को कि "हमें भी ईमेल करनी है|" संचालक ने कहा "मंत्रीजी, पहले आप एकाउँट खोलिए|" यह सुनते ही शरद जी किंकर्तव्यविमूढ हो गये और उन्होने अपने सचिव को तलब किया| उन्होंने बड़े भोलेपन से सचिव से कहा , "भाई, यह कह रहे हैं कि ईमेल करने के लिए एकाउँट खोलना जरूरी है| पर मेरे पास इस वक्त कैश नहीं है, अब ईमेल कैसे करूँ?"