रविवार, जून 13, 2010

! ईमेल करने के लिए एकाउँट खोलना जरूरी है| !


फिल्म ताल के एक दृश्य में, मीता वशिष्ठ जो आलोक नाथ की बहन बनी है कहती हैं "भाई साहब, विक्की भले ही शातिर दिमाग हो पर दिल से बिल्कुल देहाती है|" दरअसल आलोक नाथ को विक्की में ईक्कसवीं सदी के शातिर भारतीय युवक के सारे लक्षण मौजूद होने के कारण उन्हें विक्की अपनी बेटी से शादी के लिए पसंद नहीं है, पर मीता वशिष्ठ के अकाट्य तर्क से वह हथियार डाल देते हैं| यही इस आलेख का सूत्रवाक्य है| हम भारतीय चाहे दिल से कितने भी आधुनिक क्यों न हों, सादगीपूर्ण व्यक्तित्व ही पसंद करते हैं| जब कस्बे और गाँवों में रहने वाला समाज अपने नेतृत्व को हाथ में सेलफोन , बगल में लैपटाप दबाये फीलगुड, पोटा ईत्यादि चीखते हुए देखता है तो उसे अपने से कटा हुआ महसूस करता है| उसकी समस्याऐं पचास साल में भी बदली नहीं है वही रोटी, वही पानी वही सड़क और वही समाज के उच्च वर्ग द्वारा शोषण| लालू प्रसाद रोटी सड़क दें या न दें, शोषण के खिलाफ मजलूमों को आवाज जरूर दे देंते हैं और यही उनकी सफलता के कारणों में एक है| सामान्य जनता का मन अभी भी अपने नेता में राजा हरीशचंद्र की छवि ढूढता है जो वेष बदल कर राज्य का पुरसाहाल लेता था|




यही ईमेज चलती है जनता के बीच!

जाहिर है एक ओर अगर रेलों में ईंटरनेट जैसी विशुद्ध अमेरिकी सुविधाऐं देने की बात करने वाले नेता हो दूसरी ओर रेलवे स्टेशन पर छापे मारने के सस्ते परंतु लोकप्रिय लालूवादी तरीके, तो भले ही दोनों जनता का धन लूटने के मामलें में एक ही थैली के चट्टे बट्टे हों, जनता जुड़ाव तो राजा हरीशचंद्र से ही करेगी बिल गेट्स से नही| चाहे लालू हों या मायावती दोनो समाज के शोषित वर्ग को समाज के उच्च वर्ग के खिलाफ खड़ा होने का हौसला देते हैं और इसीलिए उनके सर्वेसर्वा बने बैठे हैं| उदाहरण साफ है, जब मोहल्ले के पंडित और ठाकुर त्रिशूल यात्रा निकालते हैं तो कभी दलित वर्ग उनके साथ खड़ा होता है, नहीं| क्योकि उन्हे समझा दिया गया है कि रामजन्मभूमि के मलबे में कोई ऊँची जातवाला दबके नहीं मरा, वह सब तो बस नीचे खड़े नारे लगाते रहे| इसीलिए यह वर्ग महारैला में सवर्णों को लाठी चमका कर ही खुश हो लेता है, फिर चाहे पाँच साल भ्रष्टाचार में पिसता रहे| लालूश्री देहाती ही बने रहना चाहते हैं और वैसे ही दिखना चाहते हैं जैसा कि उनका वोटरवर्ग है| अगर उन्होनें हेयरस्टाईल या बोलने का लहजा बदला तो जनता कोई और लालू ढूढ लेगी| अभिजात्य वर्ग, जो राल्फ लारेन पहनना और वर्सेज लगाना सीख चुका है, अब देहाती भारतीयों को लाफिंग मैटर समझता है, इसीलिए उसे लालू भी विदूषक लगते हैं| अब जरा विषय को हल्के अँदाज की ओर मोड़ते हुए एक सच्ची परंतु मनोरंजक घटना का जिक्र करता हूँ| कुछ साल पहले जब शरद यादव केंद्रीय मंत्री थे ‌और लालू विपक्ष में, तब लालू जी ने "यह आईटी वाईटी क्या होता है?" कह कर एक नयी बहस को जन्म दे दिया| दिल्ली के प्रगतिमैदान में आईटी मेला लगा था और एक दिन लालू अपने चेले चपाटों के साथ मेले में पहुँच गये | आयोजकों को किसी हंगामें का डर सताने लगा| पर लालू चहलकदमी करते हुए वेबदुनिया के स्टाल पहुँच गये| हिंदी में चलती वेबदुनिया की साईट से उन्हे कौतूहूल हुआ| वेबदुनिया के संचालक जोश में आकर लालू जी के प्रश्नों का उत्तर देने लगे| किसी ने उन्हे बहुभाषी ईमेल सुविधा के बारे में बताया| लालूजी को यह जानकर निराशा हुई कि भोजपुरी वेबदुनिया की सूची में शामिल नहीं थी| पर उन्होनें एक ईमेल एकाउँट खोला और देवनागरी का प्रयोग करके पटना के किसी प्रशासनिक अधिकारी को भोजपुरी में ईमेल भेज मारी| पंडाल के बाहर संवाददाताओं के सवालो की बौछार का उन्होनें अपनी चिरपरिचित शैली में जवाब दिया "देखिए, हम आईटी का इसलिए विरोध करता हूँ क्योकि ई सब कंपूटर अंग्रेजी में चलता है| इससे गरीब गुरबा का क्या भला होगा? पर ई वेबदुनिया वाले अच्छा काम किये हैं, अभी हिंदी में कंपूटर चालू हैं, वादा किये हैं कि भोजपुरी भी लायेंगे कंपूटर पर| हम इस चीज से बहुत खुश हूँ|" खैर अगले दिन लालूजी की फोटो छपी पेपरों में ईमेल करते हुए और आईटी के पुरोधाओं ने चैन की साँस ली|




कंपूटर चालू हैं
पर उसी दिन माननीय केंद्रीय मंत्री शरद यादव प्रगतिमैदान पहुँचे| विभिन्न कंपनियों के स्टालो का अवलिकन करने के दौरान उन्हें कोई वेबदुनिया के स्टाल खींच ले गया यह कह कर कि कल लालू वहाँ गये थे और रंग जमा गये अपना| शरद यादव भी फोटो खिंचाते रहे | तभी किसी चमचे ने कहा "मंत्री जी, कल लालूजी ने ईमेल करी थी, आप भी करिए|" शरद जी ताव में कंप्यूटर कंप्यूटर के सामने बैठ गये और तामील किया वेबदुनिया के संचालक को कि "हमें भी ईमेल करनी है|" संचालक ने कहा "मंत्रीजी, पहले आप एकाउँट खोलिए|" यह सुनते ही शरद जी किंकर्तव्यविमूढ हो गये और उन्होने अपने सचिव को तलब किया| उन्होंने बड़े भोलेपन से सचिव से कहा , "भाई, यह कह रहे हैं कि ईमेल करने के लिए एकाउँट खोलना जरूरी है| पर मेरे पास इस वक्त कैश नहीं है, अब ईमेल कैसे करूँ?"

बुधवार, मई 12, 2010

! अजीब बेटा !


लालू प्रसाद यादव का अजीब था बेटा , बेटा 1000 वाट के बल्ब के बराबर लालू यादव का नाम लिख रहा।
लालू यादव : Bitwa, ई क्या करत हो?
अजीब बेटा : आपका नाम रोशन कर रहा हूं.

मंगलवार, अप्रैल 27, 2010

! एक बार लालू जी इंडियन रेस्तौरांत पर गए !


he read the Menuall entrees come with Naan
garbanzo=19.00 $ PPkidney beans+12 $ etcToo expensive he thaught!
then he saw
Daal (Fat free)= 5 $ Per plate
Lalooji kahin
hamka dal lakar dijiye………naan extra phulphy banaiye
waiter got dal and Naan.
laloo said aur ghee kaha hai?
“ghee”??waiter said??
“hanji makhan ,phat,u kaha hai”?
water called the manager, Lalloo said “ghee kha hai?”
Manager looked puzzled, Lalloo said
ha bhai ha Gheee.idhar dekhiye Menu wa me likha hai naa……PHat is Phree???

सोमवार, मार्च 22, 2010

! दीदी आपको लालू से प्रॉब्लम है क्या ? !

पटना : रेल मंत्री ममता बनर्जी और पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. नया विवाद रेलवे के गोल्डेन पास को लेकर सामने आया है. ममता ने लालू प्रसाद यादव के उस पास को रद्द कर यह प्रमाणित कर दिया है कि वे अब लालू से व्यक्ति स्तर पर लडऩे पर उतारू हो गयी हैं. इससे लालू से ज्यादा ममता की अवाम में किरकिरी हुई है. अपना आजीवन रेलवे पास छिन जाने से दुखी पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव वर्तमान रेलमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर बरसे. उन्होंने कहा कि यह गलत परंपरा की शुरूआत हो रही है जबकि सभी रेल मंत्रियों को रेलवे का गोल्डेन पास निर्गत किया जाता रहा है. रेल मंत्री को चार लोगों का पास मिलता है जबकि रेलवे के अधिकारी को दो व्यक्ति का गोल्डेन पास मिलता है. अब अधिकारी को भी दो व्यक्ति का पास मिले और मंत्री को भी उतना ही यह ठीक नहीं लगता. इस कारण उन्होंने रेल मंत्रियों को चार लोगों का पास निर्गत करने का निर्णय लिया. तो इसमें नया क्या हो गया है.लालू प्रसाद यादव ने कहा कि किसी रेलमंत्री के द्वारा पास किया गया कोई भी प्रोजेक्ट या नियमों को अगले रेलमंत्री के द्वारा केंसिल किया जाना एक नयी परंपरा की शुरूआत है. यह लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं है. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि आज एक रेलवे अधिकारी को भी प्रथम श्रेणी का दो पास मिलता है और एक पूर्व रेलमंत्री को भी. इस लोकतंत्र में उतना हीं पास मिलेगा? यह उन्हें किसी दृष्टिकोण से सही नहीं लगा और उन्होंने उसे दो से चार लोगों का कर दिया. पास प्रकरण पर रामविलास पासवान ने कहा कि रेलवे का यह फैसला व्यक्तिगत लालू प्रसाद से जुड़ा हुआ नहीं है. इससे पूर्व सभी रेलमंत्रियों को वंचित होना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि जब वह रेलमंत्री थे तो दो पास दिया जाता था उसे लालू ने बढ़ाकर चार कर दिया था. इसका फायदा सभी पूर्व रेलमंत्रियों को मिला था. पुन: ममता ने इसे घटा कर दो कर दिया तो इसका भी घाटा सभी को होगा. व्यक्तिगत लालू प्रसाद का मामला यह नहीं है. सनद रहे कि रेलवे बोर्ड ने रेलमंत्री ममता बनर्जी के आदेश पर विगत दिनो उनका आजीवन कॉम्प्लीमेंट्री कार्ड पास वी-148 को निरस्त करते हुए उनका वीआईपी दर्जा समाप्त कर दिया था. अब वह सिर्फ सांसद सदस्यों वाली सुविधाओं के हकदार हो गये. इसके तहत उन्हें एसी प्रथम श्रेणी में पत्नी के साथ रिजर्वेशन मिलेगा. श्री यादव को अब मात्र राजधानी और शताब्दी के एसी प्रथम श्रेणी कोच में सिर्फ दो सीटों से काम चलाना होगा गौरतलब है कि ममता बनर्जी के रेलमंत्री बनने के अगले दिन यानी 25 मई को 09 को लालू यादव ने रेलवे बोर्ड से अपने नाम लाइफ टाइम वीआईपी कॉम्प्लीमेंट्री कार्ड पास वी-148 जारी कराया था. साथ हीं उन्होंने उक्त सुविधा सभी पूर्व रेलमंत्री को भी देने का आदेश जारी कर रखा था लेकिन नई दिल्ली के वजाय पूर्व रेलवे मुख्यालय में बैठने वाली रेलवे मंत्री ममता बनर्जी से यह बात छिपी नहीं रह पाई और उन्होंने इस तरह से जारी पास को निरस्त करने का आदेश दे दिया. जिसके मद्देनजर रेल भवन ने इस पास को निरस्त कर दिया और उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय सहित देश के सभी जोनल मुख्यालयों को लालू के कॉम्प्लीमेंट्री पास बी-148 का दुरूपयोग रोकने की हिदायत दे दी है.

शुक्रवार, मार्च 05, 2010

! लालू प्रसाद लड़की से बोले 'लव यू टू' !

रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव का मानना है कि युवाओं को अपने मां-बाप की मर्जी से ही शादी करनी चाहिए। वह कहते हैं कि प्यार अच्छी बात है , लेकिन यह पवित्र होना चाहिए। रविवार को लालू प्रसाद यादव काफी रोमैंटिक मूड में नजर आए। उनके ब्लॉग पर एक लड़की ने ' आई लव यू ' लिखा है। हालांकि लालू जी नहीं जानते कि यह लड़की कौन है , लेकिन उन्होंने इसका जवाब खुलकर दिया और अंग्रेजी में कहा - ' इफ शी लव्ज़ मी , देन आई लव हर टू॥। ' इस बयान के साथ उन्होंने तुरंत जोड़ा कि यह प्यार पिता , भाई और दोस्त जैसा प्यार है। गौरतलब है कि प्रोफेसर मटुक नाथ और जूली की प्रेम कहानी के मामले में लालू की खासी किरकिरी हुई थी , क्योंकि उन्होंने मटुकनाथ और जूली का समर्थन किया था। उस घटना के बाद शायद लालू जी ने अपने विचार बदल लिए। फिज़ा और चांद मोहम्मद की कहानी पर भी लालू यादव ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि इस तरह के लोगों के साथ ऐसा ही होता है। इसी के साथ उन्होंने देश की सभी लड़कियों को संदेश देते हुए कहा कि सभी अपने मां-बाप की बात मानें। शायद लालू युवाओं के बीच अपनी लोकप्रियता बनाए रखना चाहते हैं , लेकिन इसके साथ ही उनके माता-पिताओं के बीच भी अलोकप्रिय नहीं होना चाहते। इसीलिए उन्होंने कहा , कि प्यार तो हो , पर मर्यादा के भीतर।

बुधवार, फ़रवरी 03, 2010

लालू यादव अपना खोया जनाधार पाने की कोशिश में !!

बहुत दिनों के बाद बिहार में लालू यादव की राजनीति गरमाई है। महंगाई को मुद्दा बनाकर उन्होंने गुरुवार को जो `बिहार बंद’ का आयोजन किया, उसका राज्य में व्यापक असर देखा गया ।
बिहार की सत्ता से बेदखल होने के बाद लालू यादव के मंद पड़े राष्ट्रीय जनता दल में इस अभियान से थोड़ी गति आयी है। वैसे, गत विधान सभा उपचुनाव में भी इस दल को मिली सफलता से उत्साहित होकर लालू यादव अपना खोया जनाधार पाने का जी-तोड़ प्रयास कर रहे हैं ।
अब उनकी नज़र इसी साल होने वाले विधान सभा चुनाव पर है। कांग्रेस ने उनसे किनारा कर लिया है। यही वजह है कि कांग्रेस पर ही ज़्यादा चोट करने के लिए उन्होंने मौजूदा भीषण महंगाई के खिलाफ ‘बिहार बंद’ का आह्वान किया ।
इसमें उनको रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी का भी सक्रिय समर्थन मिला। साथ ही वामपंथी दलों ने भी इस पर उन्हें नैतिक समर्थन दिया ।
राज्य के विभिन्न हिस्सों में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ बड़ी तादाद में बंद समर्थकों के जत्थे सड़कों पर उतरे। अधिकांश व्यावसायिक प्रतिष्ठान और स्कूल-कॉलेज बंद रहे । सड़क यातायात पर भी बंद का खासा असर देखा गया। रेल सेवा को बंद से मुक्त रखा गया था, कुछ जगहों पर बंद समर्थकों ने तोड़फोड़ भी की ।
राजधानी पटना में सड़कों पर उतरे हजारों बंद समर्थकों का नेतृत्व खुद लालू प्रसाद और राबडी देवी ने किया। डाकबंगला चौराहे पर जमा भीड़ को संबोधित करते हुए लालू यादव ने महंगाई के सन्दर्भ में केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य की नीतीश सरकार को भी दोषी ठहराया ।
उन्होंने कहा, " बिहार में जमाखोरों के खिलाफ़ नीतीश कुमार इसलिए कार्रवाई नहीं कर रहे हैं क्योंकि यहाँ सत्ता-साझीदार भाजपा वाले उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी जमाखोर व्यवसायियों के संरक्षक बने हुए हैं ।
बंद के दौरान राज्य भर में लालू-राबडी समेत हजारों बंद समर्थकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया ।
उधर अपनी प्रवास यात्रा के सिलसिले में गया गए हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है, "बंद के नाम पर भारी उत्पात मचाकर राजद ने बिहार के अपने पुराने खौफ़नाक राज की याद दिलाई है । "
कुल मिलाकर इस ‘बिहार बंद’ के आयोजन से लालू यादव को भले ही अगले विधान सभा चुनाव में लाभ मिलने की उम्मीद हो , लेकिन प्रेक्षकों की नज़र में नीतीश कुमार लालू की चुनौती से ज़्यादा कांग्रेस के संभावित असर को अपने लिए बड़ा ख़तरा मानते हैं ।

बुधवार, जनवरी 06, 2010

! ... मेरे पैसे ... !

राबरी : हाय! हाय! मेरे पैसे डूब गए!"
लालू : "कहाँ डाले थे?"
राबरी : "विदेश में।"
लालू : "अरे, कौन से देश में?"
राबरी "दुबई।"
लालू : "ले, यह तो नाम से ही सावधान होना चाहिए था!"
राबरी : "???"
लालू : "और क्या--वहां नकद डूबाई जाती है..."

शुक्रवार, दिसंबर 04, 2009

! भोजपुरिया !



गयिया को चारा खिलाते रहिये !


भैसिया को चाराते रहिये !


भोजपुरिया गाना गाते रहिये !


प्रलियामेंत्वा में भासन सुनते रहिये !


रबरी जी को 1 4 3 कहत्येय रहिये !


रेलवे को पुपू बजाते रहिये!


रेलवे को आगे बदतेयेय रहिए !


बिहार में लालटेन दिखातेतेय रहिये !


सोनिया जी को थोड़ा भोजपुरी सिखाते रहिये !


जय माता जी बोलते रहिये !

गुरुवार, नवंबर 19, 2009

! जिग्सव पुज्ज्ले !

After completing a jigsaw puzzle he'd been working on for Quitesometime, Laloo proudly shows off the finished puzzle to Afriend. "It Took me only 5 months to do it," Laloo brags. "Fivemonths? That's too long." the friend exclaims. "You are a fool,"Laloo replies. "Read the box, it says "5-7 years".

शुक्रवार, अगस्त 14, 2009

! CHOLESTROL FREE !


लालू जी एन्तेर्स अ शॉप एंड शौट्स , " वेयर 'स माय फ्री गिफ्ट विथ थिस आयल ?"
शोप्कीपेर : "इसके साथ कोई गिफ्ट नहीं है , लालूजी "
लालू जी : इसपे लिखा है कोलेस्ट्रोल फ्री "